
चंबा। जिला मुख्यालय की निकटवर्ती पंचायत भड़ियांकोठी के तड़ग्रां गांव को जोड़ने वाले घुरूरू (झूला पुल) की मरम्मत न होने पर स्थानीय ग्रामीणों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन के आश्वासनों के बावजूद घुरूरू की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इससे गुस्साए ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना दिया। इस बीच जब उन्हें ऐसा करने से रोका गया तो उन्होंने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस पर उपायुक्त कार्यालय ने पुलिस को सूचित किया। देखते ही देखते पुलिस के दर्जन भर कर्मचारी पहुंच गए। इस मौके पर भाजपा नेता जय सिंह भी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंप कर समस्या के जल्द समाधान करने की मांग की। तड़ग्रां के ग्रामीणों में रोष है कि अब तक करीब छह बार घुरूरू की तार टूटने से कई बार बड़ा हादसा होते-होते टला है। बावजूद इसके जिला प्रशासन और सरकार की नींद नहीं टूटी है। जिला प्रशासन अभी भी सरकारी औपचारिकताएं पूर्ण करने में लगा हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि घुरूरू की मरम्मत न होने से रोजाना गांवों के स्कूली बच्चों को सुबह रावी नदी नंगे पांव पार करनी पड़ती है। ठंडे पानी में जाने से कई बच्चे बीमार हो चुके हैं। जब रावी का जलस्तर बढ़ा हुआ हो तो बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं। चरण सिंह, ओमकार सिंह, रुमाल सिंह, शकुंतला देवी, विमला देवी ने बताया कि कई बार स्थानीय ग्रामीणों को बढ़े हुए जलस्तर में मजबूरन रावी नदी पार करनी पड़ती है। इस मौके पर जय सिंह, बजर सिंह, कुंता देवी, रीनू देवी, निशा, भावना, पूजा, धीरज, सपना, सरिता और भूपेंद्र आदि मौजूद रहे।
नारेबाजी सुनकर गुस्साए उपायुक्त
नारेबाजी करने के पश्चात उपायुक्त को मांगपत्र सौंपने गए ग्रामीणों पर उपायुक्त संदीप कदम गुस्सा हो गए। उन्होंने ग्रामीणों को बाहर जाकर दोबारा नारेबाजी करने की नसीहत दे डाली। यह बात सुनकर तड़ग्रां की महिला ने कहा कि वे धरना प्रदर्शन व नारेबाजी करने के लिए मजबूर हो गए हैं। रोजाना उनके बच्चे रावी के ठंडे पानी को पार करते हैं। उपायुक्त ने कहा कि लोनिवि के अधिकारी चंडीगढ़ में घुरूरू निर्माण की सामग्री लेने गए हैं। जल्द ही इसे ठीक कर दिया जाएगा।
